भारत में श्रमिकों को गर्मी से कोई राहत नहीं है
जून में, जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ‘गंभीर गर्मी के हालात‘ की चेतावनी दी, तो साठ वर्षीय मोहम्मद जफर के लिए यह आग में घी डालने जैसी स्थिति हो गई। कारीगर जफर परफ्यूम बनाते हैं और उनका अनुभव...
View Articleउत्तराखंड के पर्वतीय समुदायों के वन अधिकारों की रखवाली करती वन पंचायतें
दिसंबर 2023 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पेड़ों की अवैध कटाई पर उत्तराखंड राज्य सरकार की लापरवाही की आलोचना की और कहा कि वो “गहरी नींद में” हैं। अपने इस कड़े आलोचनापूर्ण फैसले में, नैनीताल उच्च...
View Articleसलीम उल हक नहीं रहे, दुनिया ने खोया क्लाइमेट जस्टिस का मसीहा
जाने-माने जलवायु विशेषज्ञ सलीम उल हक, जिन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूल ढलने और लोगों को होने वाले लॉस एंड डैमेज के लिए भुगतान करने की सख़्त ज़रूरत पर दुनिया का ध्यान केंद्रित किया, अब...
View Articleविशेषज्ञों का कहना है कि प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता को और भी बढ़ाया जा सकता था
भारत में प्रोजेक्ट टाइगर को शुरू हुए 50 साल से अधिक हो चुके हैं। मौजूदा वक्त में भारत, दुनिया के 75 फीसदी जंगली बाघों का घर है। बाघों की स्थिति को लेकर 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार 2018 से 2022 के बीच...
View Articleजम्मू और कश्मीर में निर्माण परियोजनाओं की दिक्कतों से जूझ रहे निवासियों को...
इस साल फरवरी में भारत की प्रमुख वैज्ञानिक एजेंसी ने घोषणा की कि उसे 59 लाख टन लिथियम भंडार के “अनुमानित स्रोत” मिले हैं। यह घोषणा जम्मू और कश्मीर के रियासी ज़िले में रहने वाले लोगों के लिए खुशी की बात...
View ArticleCOP27: लॉस एंड डैमेज फंड रही एकमात्र कामयाबी
इस साल शर्म अल-शेख में आयोजित संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी जलवायु वार्ता क़रीब 40 घंटे ज़्यादा चली। इससे ये भी साबित होता है कि कैसे जलवायु परिवर्तन की वास्तविक हक़ीक़त और जलवायु पर होने वाली बनावटी...
View Articleजलवायु परिवर्तन की वजह से गंगा डेल्टा में स्कूल छोड़ रहे हैं बच्चे
बनानी देब 10वीं कक्षा की अपनी पुरानी नोटबुक को ध्यान से देखती है और अपने स्कूल के दिनों की याद करती हैं। इस साल 15 साल की बनानी को स्कूल छोड़ना पड़ा और इसकी शादी एक 11 साल बड़े आदमी से करा दी गई।...
View Articleपानी की किल्लत से बुंदेलखंड में महिलाओं की ज़िंदगी हो रही है मुश्किल
गर्मी के मौसम में हर दिन कमलावती यादव सुबह छह बजे उठकर, आधा किलोमीटर पैदल चलकर, एक निजी बोरवेल वाले घर तक जाती हैं। कमलावती कहती हैं, ”मैं सबसे पहले पानी का इंतजाम करती हूं। पानी का एक डिब्बा अपने सिर...
View Articleचारागाहों के संकट से जूझ रहे भोटिया पशुपालक
सैंकड़ों भेड़-बकरियों के झुंड के साथ भोटिया जनजाति के पशुपालक उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों के बुग्यालों (meadows, grassland in higher hilly region) से लेकर हिमालयी घाटियों के चारागाहों तक लंबी...
View Articleबिहार में बाढ़ और बढ़ती हिंसा झेल रही हैं महिलाएं
अगस्त 2017 में, बिहार में, आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उस समय, राज्य का लगभग 3,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पानी में डूबा हुआ...
View Article‘सबसे कम विकसित देश कॉप26 में रखेंगे जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए वित्त...
सबसे कम विकसित देशों का समूह- एलडीसी- संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में 46 देशों और लगभग एक अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। सबसे कम विकसत देश, जलवायु परिवर्तन के कारणों में सबसे कम जिम्मेदार देने...
View Articleनेपाल में स्वच्छ शौचालयों के निर्माण में है राजनीति की अहम भूमिका
दक्षिण एशिया की एक बड़ी समस्या खुले में शौच है। यूनिसेफ के आंकड़ों की मानें तो इन इलाकों में लगभग 60 करोड़ से अधिक आबादी शौचालय की सुविधा वंचित है, जो कि 60 फीसदी से अधिक है। वर्ष 2015 में संयुक्त...
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